यह कहानी मेरे इलाके में रहने वाली एक आंटी की है जिनकी गांड बहुत ही ज्यादा मोटी थी। आंटी की गांड देख सबको यही लगता था की आंटी की गांड अंकल रोज रोज मरते है जिससे वह मोटी हो गयी है।
आंटी दिखने में भी बहुत सुन्दर सी थी पर आंटी की गांड के जलवे दूर दूर तक मशहूर थे। आंटी की गांड के बारे में सोचकर मेने भी कई बार अपने लंड को हिलाया और शांत किआ था जिससे आंटी की चुदाई करने की चाह मुझमे बहुत थी।
आंटी को चोदने के लिए हमें सबसे पहले आंटी को किसी भी तरह से पटाना था। इसके लिए मने आंटी को बजार में रोकने की सोची। अब जिस जिस सब्जी वाले से आंटी सब्जी लेती मै भी उन्ही से सब्जी लेने के लिए रुकने लगा।
अब कुछ देर बाद आंटी ने मुझे देख लिआ और मुझ से पूछ की मै इतनी देर से उनका पीछा क्यों कर रहा हु। अब मेने आंटी से कहा की उनकी सुंदरता देख मै उन पर मोहित सा हो गया हु।
आंटी को गुस्सा आने की जगह यह बात आंटी को अछि लग गयी और आंटी ने मुझे देख कर अब एक अछि सी मुस्कान दे दी। और अब मै समझ चूका था की आंटी मुझ पर भी फ़िदा हो चुकी थी।
अब रोज ही मै आंटी के घर के बाहर से निकलता जिससे आंटी मुझे देख मुस्काती और ऐसे ही धीरे धीरे अब आंटी मुझ से अच्छे से सेट भी हो गयी। आंटी को लगने लगा था की मै उनसे प्यार करा लगा हु।
आंटी की और चुदाई की कहानिया: Aunty Sex Story
आंटी को बुलाया कमरे पर और किआ गरम
अब मेने आंटी को एक दिन बाहर मिलने के लिए कहा और आंटी मान भी गयी। मेने आंटी को एक कमरे पर आने के लिए कहा जहा हमें कोई भी नहीं देख सके। आंटी राजी हो गयी।
अब मै भी अगले दिन अच्छे तैयार होने के बाद आंटी से मिलने गया। आंटी और मै कमरे में घुसे और आंटी मुझे देख के शर्माने लगी। मेने आंटी की तारिष कृ की वह सूट में कितनी अछि दिख रही है और जी करता है की उन्हें मै अभी चुम लू।
आंटी और भी शर्माने लगी और आंटी ने कहा की ऐसी बात है तो मै उन्हें चुम सकता हु। अब आंटी के ऐसा कहते ही मेने आंटी को बिस्तर पर लिटाया और उनके होठो को चूसना शुरू कर दिआ।
आंटी भी हवस से भरते हुए मेरे होठो को चूसे जा रही थी और अब मेने आंटी का सूट ऊपर करते हुए निकाल दिआ। आंटी के बूब्स को मेने अपने हाथ में भरा और जोर जोर से दबाने लगा।
आंटी अब अच्छे से गरम हो गयी थी इसलिए मेने आंटी की सलवार का नाडा खोला और सलवार भी निचे कर दी। आंटी मेरे होठो को ही चूसे जा रही थी और मेने अब आंटी की गीली पैंटी उनकी चुत से अलग कर दी।
आंटी की चुत में मेने अपनी एक उंगली डाली और तेज तेज आंटी की चुत में घुमानी शुरू कर दी और आंटी हवस से बुरी तरह भर गयी और तेज तेज साँसे लेने लगी। आंटी को मेने अब अपना लंड दिआ और चूसने के लिए कहा।
आंटी ने मेरे लंड की चुदाई करते हुए उसे अच्छे से खड़ा किआ और अब मै आंटी की चुत की चुदाई करने के लिए तैयार हो गया था। मेने आंटी की टंगे ऊपर करि और आंटी की चुत के मुह्ह पर लंड रखा।
बुआ की चुत मारी और बुआ को दिआ चरमसुख का मजा
आंटी की मोटी गांड मारी जोर जोर से
एक ही झटके में मेने अपना लंड आंटी की चुत में डाल दिआ और चोदने भी लगा। आंटी की चुत की चुदाई मेने जोरो से करि जिससे आंटी आअह्ह्ह अह्ह्ह्ह करते हुए अपनी चुत मरवाने लगी।
अब आंटी की चुत मारते हुए मुझे काफी देर हो चुकी थी इसलिए मेने आंटी से उल्टा होने के लिए कहा और आंटी की गांड पर थोड़ा सा थूक लगा दिआ। अब कुछ ही देर बाद मेने अपना लंड आंटी की गांड में देना चालू कर दिआ।
शुरू में लंड गांड में गया नहीं पर जोर लगाने के बाद मेरा लंड आंटी की गांड में चला गया और मेने आंटी की गांड जोर जोर से पेलना शुरू कर दी जिससे आंटी की चीखे निकलने लगी।
आंटी आहे भर्ती हुई गांड मरवाने लगी और मै भी अपनी पूरी जान के साथ आंटी की गांड के छेद में अपना लंड अंदर डालता चला गया और अब मेरे लंड ने भी जवाब दे दिआ था।
आंटी की गांड काफी देर तक मारने के बाद मेरे लंड से भी एक जोर की वीर्य की पिचकारी निकली जो मेने आंटी की गांड में ही निकाल दी।
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